Close Menu
https://hillwani.in/https://hillwani.in/
    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) WhatsApp YouTube
    ब्रेकिंग न्यूज़ -
    • नीति घाटी में डिजिटल क्रांति: सीमांत गांवों तक पहुंचा 4G नेटवर्क
    • यमुनोत्री पैदल मार्ग पर SDRF की तत्परता, 7 वर्षीय बालिका की बचाई जान
    • सुप्रीम कोर्ट में हलचल: उत्तराखंड सरकार ने आरोपियों की जमानत को दी चुनौती
    • भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक को बताया देश और प्रदेश की शान
    • शक्ति, भक्ति, साहस और सेवा के प्रतीक हैं भगवान हनुमान – मुख्यमंत्री
    • उत्तराखंड में रोपवे विकास तेज, ब्रिडकुल बनेगा रेगुलेटरी बॉडी
    • देहरादून: बंगाल जीत के बाद भाजपा में जश्न, सीएम धामी ने 2027 को लेकर जताया भरोसा
    • देहरादून: टिकट दिलाने के नाम पर 25 लाख की ठगी, खुद को राहुल गांधी का PA बताकर बनाया शिकार
    • देहरादून: STF की बड़ी कार्रवाई, 1.5 करोड़ का हाथी दांत बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार
    • परिवहन मंत्री का एक्शन, UTC की कार्यप्रणाली का लिया जायजा
    Wednesday, May 6
    Facebook X (Twitter) WhatsApp YouTube
    https://hillwani.in/https://hillwani.in/
    • होम
    • उत्तराखण्ड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • उधम सिंह नगर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • टिहरी गढ़वाल
      • देहरादून
      • नैनीताल
      • पिथोरागढ़
      • पौड़ी-गढ़वाल
      • बागेश्वर
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • देहरादून
    • राज्य समाचार
    • देश
    • विदेश
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • मनोरंजन
    • व्यापार
    • क्राइम
    Facebook X (Twitter) WhatsApp YouTube
    https://hillwani.in/https://hillwani.in/
    Home»राज्य समाचार»उत्तराखण्ड»सुप्रीम कोर्ट में हलचल: उत्तराखंड सरकार ने आरोपियों की जमानत को दी चुनौती

    सुप्रीम कोर्ट में हलचल: उत्तराखंड सरकार ने आरोपियों की जमानत को दी चुनौती

    hillwaniBy hillwani उत्तराखण्ड
    Share now Facebook Twitter WhatsApp Telegram

    उत्तराखंड राज्य के उप महाधिवक्ता कार्यालय सुप्रीम कोर्ट, भारत

    4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई, जिसकी पीठ की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति विक्रम नाथ एवं माननीय न्यायमूर्ति संदीप मेहता ने की। यह सुनवाई उत्तराखंड राज्य द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) में हुई, जिसमें राज्य सरकार ने नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा दो मुख्य आरोपियों जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब को दी गई डिफॉल्ट जमानत को चुनौती दी थी।

    यह मामला 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा दंगों से संबंधित है, जिसमें एक हिंसक भीड़ ने फायरिंग की, पथराव किया, पेट्रोल बम फेंके, पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया तथा महिला कांस्टेबलों को पुलिस स्टेशन के भीतर बंद कर दिया था। बाद में उस पुलिस स्टेशन में भी आग लगा दी गई थी। इस घटना के संबंध में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (UAPA) की धारा 15 एवं 16 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/4/7/25 सहित अन्य धाराओं में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं।

    राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता श्री जतिंदर कुमार सेठी एवं स्टैंडिंग काउंसिल श्री आशुतोष कुमार शर्मा ने पक्ष रखा, जबकि आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सिद्धार्थ अग्रवाल ने पैरवी की।

    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि हाईकोर्ट इस मामले में पूरी तरह गलत दिशा में गया। न्यायालय ने कहा कि एफआईआर एक व्यापक आगजनी, दंगा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की गंभीर घटना से संबंधित थी, जिसमें पुलिस स्टेशन की इमारत भी शामिल थी। इस मामले में बड़ी संख्या में आरोपियों पर पेट्रोल बम और अन्य हथियारों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए थे।

    सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट द्वारा जांच प्रक्रिया पर टिप्पणी करना पूरी तरह अनुचित था और उसने जांच एजेंसी द्वारा बयान दर्ज करने के संबंध में तथ्यात्मक रूप से गलत टिप्पणियां की थीं। न्यायालय ने स्पष्ट रूप से माना कि मामले की गंभीरता, बड़ी संख्या में आरोपियों और गवाहों के बावजूद जांच एजेंसी ने अत्यंत तेजी और दक्षता के साथ जांच को आगे बढ़ाया।

    न्यायालय ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट इस महत्वपूर्ण तथ्य पर ध्यान देने में विफल रहा कि आरोपियों ने समय विस्तार और जमानत खारिज किए जाने के आदेशों को समय रहते चुनौती नहीं दी, बल्कि अपील दायर करने से पहले लगभग दो महीने तक प्रतीक्षा की। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इस प्रकार आरोपियों ने अपने आचरण के कारण डिफॉल्ट जमानत मांगने का अधिकार खो दिया था और हाईकोर्ट द्वारा दी गई डिफॉल्ट जमानत के आदेश को निरस्त कर दिया।

    सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है, यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो ट्रायल कोर्ट को उन्हें हिरासत में लेने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार की अपील स्वीकार कर ली गई।

    राज्य अभियोजन विभाग इसे राज्य के लिए एक बड़ी कानूनी जीत मान रहा है, क्योंकि यह ऐसा मामला था जिसमें राज्य की कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली मशीनरी स्वयं हिंसक भीड़ के निशाने पर थी, जो राज्य के अतिक्रमण विरोधी अभियान का विरोध कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा त्वरित जांच की सराहना किए जाने से पूरे राज्य पुलिस विभाग का मनोबल भी बढ़ा है।

    Stir in the Supreme Court: Uttarakhand government challenges the bail of the accused

    Related Posts

    नीति घाटी में डिजिटल क्रांति: सीमांत गांवों तक पहुंचा 4G नेटवर्क

    उत्तराखण्ड By hillwani

    यमुनोत्री पैदल मार्ग पर SDRF की तत्परता, 7 वर्षीय बालिका की बचाई जान

    उत्तराखण्ड पर्यटन By hillwani

    भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक को बताया देश और प्रदेश की शान

    उत्तराखण्ड खेल By hillwani
    Leave A Reply Cancel Reply

    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • WhatsApp
    Demo
    Top Posts

    अतिरिक्त कार्यों का कोई एक्सक्यूज नहीं, अपनी कोर्ट में समय देकर भू कानून सम्बन्धी वादों का करें निपटाराः डीएम 

    January 1, 2025

    श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में डाॅक्टरों व स्टाफ ने किया नववर्ष का जोरदार स्वागत

    January 1, 2025

    सरनौल सुतुड़ी-सरूताल ट्रैक के लिए 74.20 लाख स्वीकृत, 40 लाख रिलीज

    January 2, 2025

    उत्तराखंड के फेमस इंटरनेशनल फुटबाल कोच विरेन्द्र सिंह रावत से बने डॉ विरेन्द्र सिंह रावत – वर्ष 2024 उपलब्धियों से भरा रहा

    January 2, 2025

    देहरादून नगर निगम के वार्ड संख्या 61 से कांग्रेस टिकट के इच्छुक परितोष सिंह ने पार्टी द्वारा अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में नाम वापस लिया

    January 2, 2025

    भाजपा का प्रचार अभियान कल से, बूथ स्तर पर होंगे कार्यकर्ता सम्मेलन

    January 2, 2025
    Follow Us
    Weather
    Live Cricket
    Live Cricket Scores
    About Hillwani

    Hillwani is a leading Hindi online news analysis portal. Launched in 2021, and we focuses on delivering around the clock Different variety news analysis, Agriculture, Education, Business, Entertainment, Art-Literature-Culture and Media etc.
    We're accepting new partnerships right now.

    Email Us: info@hillwani.in

    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Our Picks

    नीति घाटी में डिजिटल क्रांति: सीमांत गांवों तक पहुंचा 4G नेटवर्क

    May 6, 2026

    यमुनोत्री पैदल मार्ग पर SDRF की तत्परता, 7 वर्षीय बालिका की बचाई जान

    May 6, 2026

    सुप्रीम कोर्ट में हलचल: उत्तराखंड सरकार ने आरोपियों की जमानत को दी चुनौती

    May 6, 2026
    Most Popular

    अतिरिक्त कार्यों का कोई एक्सक्यूज नहीं, अपनी कोर्ट में समय देकर भू कानून सम्बन्धी वादों का करें निपटाराः डीएम 

    January 1, 2025

    श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में डाॅक्टरों व स्टाफ ने किया नववर्ष का जोरदार स्वागत

    January 1, 2025

    सरनौल सुतुड़ी-सरूताल ट्रैक के लिए 74.20 लाख स्वीकृत, 40 लाख रिलीज

    January 2, 2025
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    • होम
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © Copyright 2025 Hillwani All Rights Reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.