Close Menu
https://hillwani.in/https://hillwani.in/
    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) WhatsApp YouTube
    ब्रेकिंग न्यूज़ -
    • गंगोत्री धाम में प्रवेश से पहले पंचगव्य अनिवार्य, यमुनोत्री पर फैसला 24 मार्च को
    • नवरात्रि पर रुद्रपुर में मांस बिक्री पर रोक, फैसले पर सियासी विवाद
    • हलद्वानी में राजनाथ सिंह की जनसभा, सीएम धामी की जमकर तारीफ
    • दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर भूमानंद के पास सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराई; सभी यात्री सुरक्षित
    • वन संरक्षण सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा जरूरी: केंद्रीय मंत्री  भूपेंद्र यादव
    • SIR में IT वॉलंटियर्स की तैनाती, हर बूथ पर BLO को मिलेगा तकनीकी सहयोग
    • हल्द्वानी में 21 मार्च को भव्य जनसभा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे मुख्य अतिथि
    • सर्वे ऑफ इंडिया मुख्यालय नहीं होगा शिफ्ट, मुख्यमंत्री के अनुरोध को राहत
    • PMGSY कार्यों की समय-सीमा बढ़ी, मुख्यमंत्री के अनुरोध को मंजूरी
    • उत्तराखंड में मौसम बदला, चारधाम में बर्फबारी और बारिश का अलर्ट
    Saturday, March 21
    Facebook X (Twitter) WhatsApp YouTube
    https://hillwani.in/https://hillwani.in/
    • होम
    • उत्तराखण्ड
      • अल्मोड़ा
      • उत्तरकाशी
      • उधम सिंह नगर
      • चमोली
      • चम्पावत
      • टिहरी गढ़वाल
      • देहरादून
      • नैनीताल
      • पिथोरागढ़
      • पौड़ी-गढ़वाल
      • बागेश्वर
      • रुद्रप्रयाग
      • हरिद्वार
    • देहरादून
    • राज्य समाचार
    • देश
    • विदेश
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • मनोरंजन
    • व्यापार
    • क्राइम
    Facebook X (Twitter) WhatsApp YouTube
    https://hillwani.in/https://hillwani.in/
    Home»राज्य समाचार»उत्तराखण्ड»वन संरक्षण सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा जरूरी: केंद्रीय मंत्री  भूपेंद्र यादव

    वन संरक्षण सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा जरूरी: केंद्रीय मंत्री  भूपेंद्र यादव

    hillwaniBy hillwani उत्तराखण्ड
    Share now Facebook Twitter WhatsApp Telegram

    *वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना ही नहीं है बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण करना भी है – केंद्रीय मंत्री  भूपेंद्र यादव*

    – केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के किया उद्घाटन

    – “वन-आधारित सतत जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना: मुद्दे और चुनौतियाँ” विषय पर आयोजित हुई राष्ट्रीय कार्यशाला

    – प्रकृति सर्वोपरि है और मानव अस्तित्व के लिए उसके साथ सह-अस्तित्व में रहना अनिवार्य है – केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव

    – कार्यशाला में वन-आधारित जैव-उत्पाद और उनका व्यवसायीकरण, सतत वन प्रबंधन, नीतिगत ढाँचे, उद्यमिता, और जैव-अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में नवाचार की भूमिका जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है

    – ICFRE की महानिदेशक कंचन देवी ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव को मुनस्यारी, पिथौरागढ़ की विशिष्ट कला पायरोग्राफी से बने उत्तराखंड के राजकीय पक्षी मोनाल का चित्र भेंट किया

    शनिवार को भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद – वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया।

    इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” विषय के तहत मनाया जा रहा है। जो आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने और आजीविका को सहारा देने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है। इस अवसर पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से, 21-22 मार्च, 2026 को ICFRE, देहरादून में “वन-आधारित सतत जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना: मुद्दे और चुनौतियाँ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है।

    भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रकृति सर्वोपरि है और मानव अस्तित्व के लिए उसके साथ सह-अस्तित्व में रहना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना ही नहीं है, बल्कि इसमें पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी शामिल है। उन्होंने वानिकी के प्रति समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया, और वन संसाधनों को बनाए रखने में सांस्कृतिक मूल्यों, ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी), और कार्बन क्रेडिट के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस बात के साथ किया कि वन केवल अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि शांति के लिए भी आवश्यक हैं।

    इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के सचिव तन्मय कुमार; वनों के महानिदेशक एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी; ICFRE की महानिदेशक कंचन देवी; और वनों के अतिरिक्त महानिदेशक (वन्यजीव) रमेश कुमार पांडे भी उपस्थित रहे।

    वर्कशॉप में वन-आधारित जैव-उत्पाद और उनका व्यावसायीकरण, सतत वन प्रबंधन, नीतिगत ढाँचे, उद्यमिता, और जैव-अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में नवाचार की भूमिका जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह वन संसाधनों के सतत उपयोग को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य मूल्य-वर्धित उत्पादों का निर्माण करना, स्थानीय आजीविका को सहारा देना और प्राकृतिक वनों पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। तकनीकी सत्रों में कृषि-वानिकी, गैर-काष्ठ वन उत्पाद, इंजीनियर्ड काष्ठ उत्पाद, वन उद्योग, कार्बन बाज़ार, वन्यजीव संरक्षण, इको-टूरिज़्म और डिजिटल निगरानी जैसे विषय शामिल हैं।

    यह कार्यशाला पूरे देश से वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के हितधारकों और वन प्रबंधकों को एक मंच पर लाती है, ताकि भारत की वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने पर विचार-विमर्श किया जा सके; इसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना, अवसरों की तलाश करना और इस क्षेत्र में नीतिगत तथा रणनीतिक हस्तक्षेपों को दिशा देना है।

    Forest conservation is not just about planting trees it is important to protect the entire ecosystem: Union Minister Bhupendra Yadav

    Related Posts

    गंगोत्री धाम में प्रवेश से पहले पंचगव्य अनिवार्य, यमुनोत्री पर फैसला 24 मार्च को

    उत्तराखण्ड धर्म By hillwani

    नवरात्रि पर रुद्रपुर में मांस बिक्री पर रोक, फैसले पर सियासी विवाद

    उत्तराखण्ड धर्म By hillwani

    हलद्वानी में राजनाथ सिंह की जनसभा, सीएम धामी की जमकर तारीफ

    उत्तराखण्ड राज्य समाचार By hillwani
    Leave A Reply Cancel Reply

    Stay In Touch
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • WhatsApp
    Demo
    Top Posts

    अतिरिक्त कार्यों का कोई एक्सक्यूज नहीं, अपनी कोर्ट में समय देकर भू कानून सम्बन्धी वादों का करें निपटाराः डीएम 

    January 1, 2025

    श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में डाॅक्टरों व स्टाफ ने किया नववर्ष का जोरदार स्वागत

    January 1, 2025

    सरनौल सुतुड़ी-सरूताल ट्रैक के लिए 74.20 लाख स्वीकृत, 40 लाख रिलीज

    January 2, 2025

    उत्तराखंड के फेमस इंटरनेशनल फुटबाल कोच विरेन्द्र सिंह रावत से बने डॉ विरेन्द्र सिंह रावत – वर्ष 2024 उपलब्धियों से भरा रहा

    January 2, 2025

    देहरादून नगर निगम के वार्ड संख्या 61 से कांग्रेस टिकट के इच्छुक परितोष सिंह ने पार्टी द्वारा अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में नाम वापस लिया

    January 2, 2025

    भाजपा का प्रचार अभियान कल से, बूथ स्तर पर होंगे कार्यकर्ता सम्मेलन

    January 2, 2025
    Follow Us
    Weather
    Live Cricket
    Live Cricket Scores
    About Hillwani

    Hillwani is a leading Hindi online news analysis portal. Launched in 2021, and we focuses on delivering around the clock Different variety news analysis, Agriculture, Education, Business, Entertainment, Art-Literature-Culture and Media etc.
    We're accepting new partnerships right now.

    Email Us: info@hillwani.in

    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Our Picks

    गंगोत्री धाम में प्रवेश से पहले पंचगव्य अनिवार्य, यमुनोत्री पर फैसला 24 मार्च को

    March 21, 2026

    नवरात्रि पर रुद्रपुर में मांस बिक्री पर रोक, फैसले पर सियासी विवाद

    March 21, 2026

    हलद्वानी में राजनाथ सिंह की जनसभा, सीएम धामी की जमकर तारीफ

    March 21, 2026
    Most Popular

    अतिरिक्त कार्यों का कोई एक्सक्यूज नहीं, अपनी कोर्ट में समय देकर भू कानून सम्बन्धी वादों का करें निपटाराः डीएम 

    January 1, 2025

    श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में डाॅक्टरों व स्टाफ ने किया नववर्ष का जोरदार स्वागत

    January 1, 2025

    सरनौल सुतुड़ी-सरूताल ट्रैक के लिए 74.20 लाख स्वीकृत, 40 लाख रिलीज

    January 2, 2025
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    • होम
    • About Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • Disclaimer
    © Copyright 2025 Hillwani All Rights Reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.